जिनकी मोहब्बत दिल-ओ-दीवार तक रहीं 

ये प्यार का महीना,उन्हें कहाँ रास आयेगा।



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

जीव

वेदना

भटकाव